थोड़ा सामाजिक, थोड़ा राजनीतिक, थोड़ी समझ, थोड़ा विवेक

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शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

क्या परवरिश में ही कमी है?

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इस विषय पर लगभग 6 महीने पहले मैंने एक लिख लिखने का प्रयास किया था पर फिर उसे प्रकाशित नहीं किया। क्यूंकी मैं अपनी बात को ठीक से सही और सट...
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शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

10 परसेंट का लौलीपौप

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आरक्षण ले लो! आरक्षण ले लो! टके के भाव आरक्षण ले लो! चुनाव आ गया है और मोदी जी ने अपनी दुकान खोल ली है। मत दाताओं को लुभाने के लिए ऑफर ...
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शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

सबरीमाला और कुछ नहीं, स्त्री अपमान की एक और गाथा है

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ये कैसा मंदिर है ? ये कैसा ईश्वर है ? ये कैसा स्थान है ? जहां पूजा/प्रार्थना के लिए भी पुरुष और स्त्री का भेद है। सबरीमाला विवाद और कु...
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मंगलवार, 1 जनवरी 2019

हिन्दी भी शान बढ़ाती है

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मैं केवल हिन्दी में ही क्यूँ लिखती हूँ ? इस सवाल के कई संभावित जवाब हो सकते हैं। जैसे मुझे अँग्रेजी का ज्ञान नहीं। या मेरी अँग्रेजी कमज़ो...
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बुधवार, 5 दिसंबर 2018

ज्ञान अंधकार में है...

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इस बार लेख नहीं बस एक कविता वर्तमान परिपेक्ष्य को दर्शाती हुई.... ज्ञान अंधकार में है अज्ञानता का है चरम सत्य धूमिल हो रहा असत्य का ह...
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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

मी टू

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पिछले कुछ समय से ये शब्द या कहूँ हैश टैग #MeToo बहुत प्रचलन में है। इसकी शुरुआत भले ही हॉलीवुड से हुई पर अब भारत में भी इस एक छोटे से ...
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सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

अवचेतन मन की शक्ति

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भाग 2 डॉ . मर्फ़ी के अनुसार स्वस्थ रहना सामान्य बात है और अस्वस्थता असामान्य। इसी तरह धन की उपलब्धता सामान्य और अभाव...
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Anchal Saksena
I am a fun loving person, full of positive energy. I completed my master's degree in Hindi Literature and is a fan of literature. I used to be a criminal lawyer but could not relate myself to this profession and ultimately turned out to be a writer. I love singing, writing poems and blogging.
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