थोड़ा सामाजिक, थोड़ा राजनीतिक, थोड़ी समझ, थोड़ा विवेक

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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

भारतीय वायु सेना को सलाम

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भारतीय वायु सेना को मेरा सलाम। इस लेख की शुरुआत इससे बहतर और क्या हो सकती है। आतंकवाद के खात्मे की ओर आज शायद सेना का पहला सफल कदम रह...
गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

डियर मि. प्राइम मिनिस्टर-हाऊज़ द जोश

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इस लेख को आरंभ करने से पहले ही स्पष्ट कर दूँ ना तो मैं किसी रजिनितिक पार्टी विशेष के पक्ष में लिखने जा रही हूँ ना ही विपक्ष में। मुझे भक्...
शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

क्या परवरिश में ही कमी है?

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इस विषय पर लगभग 6 महीने पहले मैंने एक लिख लिखने का प्रयास किया था पर फिर उसे प्रकाशित नहीं किया। क्यूंकी मैं अपनी बात को ठीक से सही और सट...
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शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

10 परसेंट का लौलीपौप

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आरक्षण ले लो! आरक्षण ले लो! टके के भाव आरक्षण ले लो! चुनाव आ गया है और मोदी जी ने अपनी दुकान खोल ली है। मत दाताओं को लुभाने के लिए ऑफर ...
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शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

सबरीमाला और कुछ नहीं, स्त्री अपमान की एक और गाथा है

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ये कैसा मंदिर है ? ये कैसा ईश्वर है ? ये कैसा स्थान है ? जहां पूजा/प्रार्थना के लिए भी पुरुष और स्त्री का भेद है। सबरीमाला विवाद और कु...
2 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 1 जनवरी 2019

हिन्दी भी शान बढ़ाती है

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मैं केवल हिन्दी में ही क्यूँ लिखती हूँ ? इस सवाल के कई संभावित जवाब हो सकते हैं। जैसे मुझे अँग्रेजी का ज्ञान नहीं। या मेरी अँग्रेजी कमज़ो...
2 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 5 दिसंबर 2018

ज्ञान अंधकार में है...

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इस बार लेख नहीं बस एक कविता वर्तमान परिपेक्ष्य को दर्शाती हुई.... ज्ञान अंधकार में है अज्ञानता का है चरम सत्य धूमिल हो रहा असत्य का ह...
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Anchal Saksena
I am a fun loving person, full of positive energy. I completed my master's degree in Hindi Literature and is a fan of literature. I used to be a criminal lawyer but could not relate myself to this profession and ultimately turned out to be a writer. I love singing, writing poems and blogging.
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